#MankiBaat: खादी वस्त्र नहीं बल्कि विचार है और इससे गरीबों को रोजगार मिलता है

#MankiBaat: खादी वस्त्र नहीं बल्कि विचार है और इससे गरीबों को रोजगार मिलता है

Man ki baat narendra modi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनके कार्यक्रम ‘मन की बात’ के तीन साल पूरे हो गए हैं और यह देशवासियों की भावनाओं और अनुभूति की यात्रा रही है। मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम में हमेशा आचार्य विनोबा भावे की उस बात को याद रखा है, जो वह हमेशा कहा करते थे-असरकारी और इसलिए उन्होंने अपने कार्यक्रम को राजनीति के रंग से दूर रखा है और इसमें सामान्य जन को केन्द्र में रखते हुए स्थिर मन से उनके साथ जुड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें देश के सामान्य मानव के भावों को जानने-समझने का जो अवसर मिला है और इसके लिए वह देशवासियों के बहुत आभारी हैं।

मोदी के कार्यक्रम की खास बातें
-खादी वस्त्र नहीं बल्कि विचार है और इससे गरीबों को रोजगार मिलता है। अन्य वस्त्रों की तरह खादी को भी अपनाया जाना चाहिए, फिर चाहे वह खादी की चादर हो, रूमाल या परदे।

-2 अक्तूबर से खादी की खरीद में रियायत दी जाती है। खादी के प्रति इस भाव को लेकर काम किया जाना चाहिए कि उसकी खरीद करके गरीब के घर में दिवाली का दीया जलाएं।

-स्वच्छता अभियान एक आंदोलन का रूप ले रहा है जिसे हर किसी ने संकल्प से सिद्धि के प्रण के साथ आगे बढ़ाया है और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के पहले चार दिन में ही 75 लाख लोगों ने पहल को आगे बढ़ाया है।

-श्रीनगर के बिलाल डार का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि श्रीनगर नगर निगम ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है, इससे पता चलता है कि स्वच्छता का एंबेसडर सिर्फ खिलाड़ी और अभिनेता ही नहीं हो सकते। बिलाल डार भी बधाई के पात्र है, जो सफाई जैसा एक महान कार्य कर रहे हैं।

-अक्तूबर महीना महापुरुषों का है। देश के लिए उन्होंने कष्ट झेले हैं। महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, नानाजी देशमुख, सरदार वल्लभ भाई पटेल, दीनदयाल उपाध्याय को याद करने का महीना है। सभी महापुरुषों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आजादी के लिए लोगों ने अपना बलिदान दिया। मोदी ने कहा कि अगले महीने मन की बात कार्यक्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल का जिक्र करेंगे। 31 अक्तूबर को रन फॉर यूनिटी के लिए लौहपुरुष की तरह बनने के लिए बहुत जरूरी है।

-विविधता में एकता केवल नारा नहीं है बल्कि यह भारत की अपार शक्ति का भंडार है, इसे अनुभव करें। हम विदेश तो जाते हैं, लेकिन अपने ही देश से अंजान हैं। हमें अपने देश को भी देखना चाहिए और भारत भ्रमण करना चाहिए। इससे देश को समझने में मदद मिलती है। मैंने भारत के 500 से ज्यादा जिलों को दौरा किया है।

-अपने राज्यों के सात प्रमुख टूरिस्ट स्थलों के बारे में नरेंद्र मोदी ऐप और तमाम अन्य साइटों पर जरूर लिखें।

-भारतीय सेना ज्वॉइन करने वाली लेफ्टिनेंट स्वाति और लेफ्टिनेंट निधि को बधाई। आपने महिला शक्ति और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल कायम की।

-देश में हो रहे फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के आयोजन प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व हमारे यहां खेलने आ रहा है, आइए हम भी इस खेल में जुट जाएं।

2 thoughts on “#MankiBaat: खादी वस्त्र नहीं बल्कि विचार है और इससे गरीबों को रोजगार मिलता है

  1. Hey There. I found your blog using msn. This is a
    very well written article. I’ll make sure to bookmark it and come back
    to read more of your useful information. Thanks for the post.
    I’ll definitely return.

  2. Magnificent beat ! I wish to apprentice even as you amend your web site, how could i subscribe for
    a blog site? The account helped me a acceptable deal.
    I have been a little bit familiar of this your broadcast offered shiny clear
    idea

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *