वर्णिका बोली- डरूंगी नहीं पिता बोले- ट्रांसफर ही तो परवाह नहीं..

वर्णिका बोली- डरूंगी नहीं पिता बोले- ट्रांसफर ही तो परवाह नहीं..

वर्णिका बोली- डरूंगी नहीं पिता बोले- ट्रांसफर ही तो परवाह नहीं..चडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में आरोपियों के खिलाफ विक्टिम वर्णिका कुंडू खुलकर सामने आ गई है। उसका कहना है कि दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया पर उसके फोटो पोस्ट किए जा रहे हैं, लेकिन उनका कहना है वो डरे गी नहीं । बता दें कि वर्णिका आईएएस अफसर वीरेंद्र कुंडू की बेटी है। उसने हरियाणा के बीजेपी प्रेसिडेंट सुभाष बराला के बेटे विकास पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। परिवार को पता है मैं कहां थी… वर्णिका ने उसके देर रात अकेले घर लौटने को लेकर उठाए जा रहे सवालाें पर खुलकर जवाब दिया। उसने कहा कि एक तरफ समाज नारी को सशक्त बनाने और समानता का हक देने की बात करता है। दूसरी तरफ ऐसी बे-सिर-पैर की बातें की जाती हैं। मेरे परिवार वालों पता था कि मैं कहां थी।

– वर्णिका ने यह भी कहा कि आरोपी युवक भी देर रात सड़क पर थे उनपर सवाल क्यों नहीं खड़े हो रहे। ऐसे लड़कों के कारण युवतियां अनसेफ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को जांच एजेंसी और कानून पर यकीन है।

– बता दें कि हरियाणा के बीजेपी के वाइस प्रेसिडेंट रामवीर भट्टी ने कहा था कि वो लड़की इतनी रात में क्यों घूम रही थी?

वीएस कुंडू बोले- अफसर से पहले पिता हूं

– आईएएस अधिकार वीएस कुंडू का भी कहना है कि वे इस मामले में किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा, “मैं प्रशासनिक अधिकारी बाद में हूं, इससे पहले बेटी का पिता हूं। किसी तरह के दबाव के आगे झुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता।”

– हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार या किसी अन्य की ओर से उन पर कोई दबाव नहीं आया है। लेकिन आगे ऐसा होता है तो इसके लिए वे तैयार है।

– उन्होंने कहा कि पूरा देश हमारे साथ खड़ा है। यह एक बेटी के सम्मान का सवाल है, इससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

पुलिस पर दबाव नहीं डालेंगे

– वीएस कुंडू ने कहा कि वे पुलिस पर कोई दबाव नहीं डालेंगे, साथ ही आरोपियों के परिवार से भी उम्मीद करेंगे कि वे भी इस केस में दखल न दें।

– उन्होंने कहा कि आरोपी बालिग हैं। लॉ के स्टूडेंट्स हैं, जो अपने काम के नतीजों के बारे में जानते हैं। हम चाहते हैं कि उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिले।

तबादला होता है तो हो जाए

– कुंडू ने आगे कहा, “अगर मेरा तबादला होता है तो हो जाए, क्योंकि यह नौकरी का हिस्सा है। मैंने अपनी नौकरी पूरी ईमानदारी से की है। इसलिए कोई डरने की बात नहीं है। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए हर कोशिश करने के लिए तैयार हूं। पुलिस जब चालान पेश करेगी तो हम देखेंगे कि क्या धाराएं लगी हैं। अगर धाराएं कमजोर होंगी तो हम उचित कदम उठाएंगे।”

2 thoughts on “वर्णिका बोली- डरूंगी नहीं पिता बोले- ट्रांसफर ही तो परवाह नहीं..

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