तेजी से बढ़ रहा भारत देश का स्वास्थ्य बाजार

इसी तरह की राय मेडिका ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमैन आलोक रॉय प्रकट की.

अस्पताल में भर्ती होने पर बढ़ती लागत, तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और व्यक्तिगत चिकित्सा पर ध्यान देने की जरूरत की वजह से देश में घर पर मुहैया कराई जाने वाले स्वास्थ्य देखभाल (होम हेल्थकेयर) सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि की है, जिसमें आने वाले सालों में कई गुना बढ़ोतरी होनी तय है.

नाइटिंगल्स होम हेल्थ सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरसिम्हा जयकुमार ने आईएएनएस से कहा, “भारत में होम हेल्थकेयर क्षेत्र बढ़ रहा है और 2014 के 2 अरब डॉलर के बाजार अवसर से 2020 तक 6 अरब डॉलर (40,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचने की उम्मीद है.”

इसी तरह की राय मेडिका ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमैन आलोक रॉय प्रकट की. उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में विशेष संभावना है, हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में है. रॉय ने हाल ही में होमकेयर सेवाओं की शुरुआत की.

उन्होंने कहा, “भारतीय बाजार का मौजूदा समय में 3 अरब डॉलर प्रति साल रहने का अनुमान है और यह 20 फीसदी से अधिक से बढ़ रहा है.”

रॉय ने आईएएनएस से कहा, “बुजुर्ग आबादी में वृद्धि के चलते देश के होम हेल्थकेयर बाजार में जबर्दस्त वृद्धि देखी जा रही है. आने वाले सालों में भारत में घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाजार दोगुना होना तय है.”

हेल्थकेयर एट होम के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक श्रीवास्तव के मुताबिक, बीते तीन-चार वर्षों में कुल होमकेयर बाजार 40 प्रतिशत की एक संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है. घर पर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की लागत प्रतिस्पर्धा प्रमुख रूप से उनकी मांग पर निर्भर करती है.

अपोलो होमकेयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने महेश जोशी ने आईएएनएस से कहा, “होमकेयर एक अवधारणा के रूप में भारत में जमीन बना रहा है और इसके कारण नैदानिक और सामाजिक हैं.. और यह निश्चित रूप से अस्पताल लागत की तुलना में 30 प्रतिशत की सीमा तक सस्ता है, क्योंकि इसमें बुनियादी ढांचे और दूसरा ऊपरी खर्च नहीं है. इसके अलावा परिवार के सदस्य के कार से छुट्टी लेने की जरूरत नहीं होती, जो अतिरिक्त बचत है.”